अभी वार्ता – KK Jha | रांची
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया है। मरांडी ने दावा किया कि इस घोटाले में करोड़ों रुपए की हेराफेरी हुई है और इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

“सीएम ने फंड को निजी एटीएम बना लिया”
रांची में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मरांडी ने कहा –
“मुख्यमंत्री ने डीएमएफटी फंड को अपना निजी एटीएम बना लिया है। अधिकारी उनके इशारे पर पैसे निकाल रहे हैं। अगर मुख्यमंत्री की संलिप्तता नहीं है तो वे सीबीआई जांच की सिफारिश करें।”
बोकारो जिले का खुलासा
मरांडी ने बताया कि फिलहाल बोकारो जिले में हुए घोटाले का खुलासा किया जा रहा है, लेकिन इसी तरह की लूट पूरे प्रदेश में हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खनिज क्षेत्रों के विकास के लिए यह फंड शुरू किया था ताकि सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
631 करोड़ की योजनाओं में गड़बड़ी
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में बोकारो को 631 करोड़ रुपए का डीएमएफटी फंड मिला। इस राशि से 46 पंचायतों में जेनरेटर, 1666 आंगनबाड़ी केंद्रों में डिजिटल मेट्स, स्कूलों में लैब, शहर में 187 हाई मास्ट लाइट, एलईडी वैन, सरकारी भवनों में तड़ित चालक, बाला पेंटिंग, सौर ऊर्जा पंपसेट, मॉड्यूलर किचन, स्मार्ट मॉडल स्कूल का उन्नयन, छात्रों के लिए कोचिंग, कौशल विकास और प्लेसमेंट जैसी योजनाओं में खर्च दिखाया गया।
लेकिन, इन सभी योजनाओं में टेंडर स्तर से गड़बड़ी की गई और बाजार दर से 10 गुना ज्यादा कीमत पर आपूर्ति दिखाकर भुगतान कर दिया गया।
सीबीआई जांच की मांग
मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की जानकारी और इशारे के बिना यह घोटाला संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की किसी भी एजेंसी से जांच कराई गई तो सच्चाई सामने नहीं आएगी, इसलिए इसकी जांच केवल सीबीआई से होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योजनाओं की जानकारी मांगने वाले सामाजिक संगठनों को धमकाया जा रहा है। भाजपा ऐसे संगठनों के साथ खड़ी है और सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।










