पवन कुमार | ठाकुरगंगटी
ठाकुरगंगटी प्रखंड अंतर्गत संजीवनी आजीविका संसाधन केंद्र धुनियाबांध में संकुल के बीओडी सदस्य, आजीविका बढ़ावा उपसमिति, खरीदारी उपसमिति एवं आजीविका कैडर का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण पलाश (जेएसएलपीएस) के द्वारा आयोजित किया गया।

किसानों को दी गई समेकित कृषि क्लस्टर (IFC) की जानकारी
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर किसानों को समेकित कृषि क्लस्टर (IFC) की अवधारणा, उद्देश्य, महत्व एवं लाभ से अवगत कराना था। विशेषज्ञों ने बताया कि IFC मॉडल के माध्यम से कृषि, पशुपालन, बागवानी और अन्य आजीविका गतिविधियों को एकीकृत कर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। यह मॉडल न केवल व्यक्तिगत किसान परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रशिक्षण के दौरान हुई चर्चा
पहला दिन: प्रतिभागियों को IFC के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, सामुदायिक संस्थानों की भूमिका एवं कार्यशैली पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आजीविका सेवा केंद्र की स्थापना और इससे किसानों को मिलने वाली इनपुट एवं आउटपुट सुविधाओं—जैसे बीज, खाद, उपकरण, पशु आहार, विपणन एवं बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया—पर चर्चा की गई।
दूसरा दिन: प्रतिभागियों ने समूह चर्चा और अनुभव साझा किए। उन्होंने सीखा कि IFC मॉडल को जमीनी स्तर पर लागू कर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस पहल की जा सकती है।
संकल्प और भविष्य की दिशा
प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने गाँवों और समितियों तक पहुँचाकर किसानों को अधिक लाभान्वित करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि IFC ग्रामीण किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है। इसके माध्यम से किसान उत्पादन से लेकर विपणन तक की पूरी शृंखला में सक्षम बनेंगे और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित
इस अवसर पर प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक प्रेम प्रकाश, एफटीसी शमीम अख्तर, सीसी शरत चंद्र झा, आस्क कॉर्डिनेटर आशीष कुमार आशीष, IFC कॉर्डिनेटर सोनी देवी, संकुल प्रतिनिधि कुसुम देवी, रूबी खातून (खरीदारी समिति सदस्य), आजीविका समिति की सदस्य अरुणा देवी, सुलेखा देवी, कृषि एवं पशु सखी माधुरी कुमारी, नीलम देवी, ऊषा देवी, मंजू देवी, सबकत नाज, रबीना खातून सहित कई उद्यमी किसान उपस्थित रहे।










