गाजियाबाद में खुद को पत्रकार बताने वाले तीन लोगों—सोनू, अमन और सोनू मुखिया—का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ये तीनों गुरुग्राम/हरियाणा नंबर की एक एक्सपायर्ड कार (नंबर: HR 51 AG 3135) पर गुरुग्राम पुलिस का स्टिकर लगाकर गाजियाबाद में खुलेआम घूम रहे थे और लोगों पर रौब झाड़ रहे थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये तीनों पहले बाइक से इलाके की रेकी करने पहुंचे, और दो दिन बाद शराब के नशे में उसी इलाके में दोबारा आए। इस बार वे हरियाणा नंबर की कार में थे, जो पहले से ही एक्सपायर्ड बताई जा रही है। मौके पर पहुंचते ही तीनों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया और यह कहते हुए धमकाने लगे कि
“हम पत्रकार भी हैं और बदमाश भी, अगर मामला शांत कराना है तो एक लाख रुपये दो।”
जब स्थानीय लोगों ने तीनों को घेर लिया, तो वे मौके से कार छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस द्वारा कार की जांच किए जाने पर उसमें से 4–5 अलग-अलग समाचार पत्रों के आईडी कार्ड और 2–3 मोबाइल फोन भी प्राप्त हुए, जिससे फर्जी पत्रकारिता और ब्लैकमेलिंग की आशंका और मजबूत हो गई।
वहीं, विवादित कार को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, और स्थानीय पुलिस को इस कार के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था।
फिलहाल गाजियाबाद पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मामला फर्जी पत्रकार बनकर रंगदारी वसूलने, सरकारी पहचान के दुरुपयोग और आपराधिक धमकी से किस हद तक जुड़ा है। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।










