संवाददाता: अभी वार्ता, मोतिहारी (सिकरहना)
शनिवार की अहले सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने सिकरहना प्रखंड से लेकर पूरे मोतिहारी जिले में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। करीब 17 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने गांव की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया है। खेतों में पानी भर जाने से तैयार धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। तेज़ आँधी के कारण कई जगहों पर धान की फसल गिर गई है, जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है।
चिरैया प्रखंड के कई इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए हैं, जिससे पूरे जिले में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीण इलाकों में अभी भी बिजली गुल है, जिससे मोबाइल चार्जिंग, रोशनी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बाधित हो गई हैं।
दूरसंचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है। शहर से लेकर गांव तक अंधेरा छाया हुआ है। लगातार बारिश और बाधित बिजली आपूर्ति के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और सभी प्रखंडों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। वहीं, कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान की फसल को बचाने के लिए जल निकासी की व्यवस्था करें।
लगातार वर्षा ने चिरैया की सड़कों, बाजारों और खेतों को पानी-पानी कर दिया है। लोग बारिश थमने की दुआ कर रहे हैं जबकि प्रशासन राहत और मरम्मत कार्य में जुट गया है। वहीं शहर के करीब 90% दुकानें बंद रहीं और केवल अत्यावश्यक कार्य से जुड़े लोग ही घरों से बाहर निकले।










