अभी वार्ता संवाददाता/पवन कुमार, ठाकुरगंगटी
प्रखंड मुख्यालय परिसर में बुधवार को झारखंड राज्य किसान सभा की ओर से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व किसान सभा के सचिव अशोक साह ने किया।

धरना स्थल पर उपस्थित किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि सरकार की घोषणाएँ ज़मीन पर उतरने में नाकामयाब साबित हो रही हैं। किसान सभा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री मइया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है, क्योंकि अधिकांश महिलाओं के खाते में राशि आनी बंद हो चुकी है। इसी तरह कई परिवार आज भी आवास के अभाव में असुरक्षित जीवन जी रहे हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है और सिंचाई की उचित व्यवस्था के अभाव में किसान अपनी उपज भी नहीं कर पा रहे हैं। किसान सभा ने चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र की विधि-व्यवस्था और प्रशासनिक रवैया नहीं सुधरा तो आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।
दस सूत्री मांगें
1. शिक्षित बेरोजगार युवाओं को राजमहल परियोजना और अदानी पावर प्लांट की आउटसोर्सिंग कंपनियों में रोजगार दिया जाए।
2. मुख्यमंत्री मइया सम्मान योजना की राशि सभी महिलाओं तक पहुंचाई जाए।
3. विकलांग, असहाय और विधवा महिलाओं को ₹2500 प्रति माह पेंशन दिया जाए।
4. गरीब परिवारों को ₹1 प्रति किलो की दर से 50 किलो चावल की गारंटी दी जाए।
5. राशन दुकानदारों का बकाया कमीशन राशि अविलंब भुगतान किया जाए।
6. भौरा बराज से गुजरने वाले डांड को दुरुस्त कर किसानों के खेत तक पानी पहुंचाया जाए।
7. किसानों का कर्ज माफ किया जाए और उन्हें सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।
8. सभी प्रकार की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
9. किसानों को समय पर बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
10. प्रखंड प्रशासन को बेलगाम रवैये से बाहर लाकर जवाबदेही तय की जाए।
धरना प्रदर्शन के बाद किसान सभा ने बीडीओ को मांगपत्र सौंपा। मौके पर रघुवीर मंडल, मोहम्मद शफीक, मतियूर रहमान, बारीक खान, दशरथ मंडल, शेख फैयाज, पूर्ण साह समेत बड़ी संख्या में महिलाएँ और पुरुष उपस्थित रहे।










