संवाददाता : किशोर कुमार झा, अभी वार्ता, रांची/पलामू
डीआईजी नौशाद आलम बुधवार की संध्या पाटन थाना पहुँचे और वहाँ साफ-सफाई, अधिकारियों के आवास तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पाटन के पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय का भी जायजा लिया और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

डीआईजी आलम ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराना पुलिस का प्रथम दायित्व है। उन्होंने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्य कर रही है और पब्लिक के साथ मित्रवत व्यवहार रखते हुए अपराध रोकने की दिशा में और बेहतर परिणाम हासिल किए जाएंगे। आम जनता की समस्याओं को सुनकर तुरंत समाधान करना पुलिस की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पाटन थाना परिसर में अंधकार की स्थिति पर चिंता जताई और प्रभारी को निर्देश दिया कि पुलिस लाइन की जीपी शाखा से संपर्क कर जल्द से जल्द लाइट लगाई जाए। उन्होंने अभिलेख संधारण को और अपडेट करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
डीआईजी आलम ने जमीनी विवादों को लेकर कहा कि जिले में प्रत्येक माह तीन शनिवारों को थाना दिवस आयोजित होता है, जिसमें अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी मिलकर मामलों का निपटारा करते हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया में और पारदर्शिता व तेजी लाने की जरूरत बताई।
उन्होंने पुलिस कर्मियों से कहा कि अपराध पर नियंत्रण जनता के सहयोग से ही संभव है। इसलिए पुलिस की छवि जनता के बीच भरोसेमंद और सकारात्मक होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी हिदायत दी कि किसी निर्दोष पर झूठा मामला दर्ज न किया जाए।
इस अवसर पर पाटन के पुलिस इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह, थाना प्रभारी शशि शेखर पांडे, नया जयपुर थाना प्रभारी सतीश गुप्ता, तरह हंसी थाना प्रभारी आनंद राम, एसआई अनिल सिंह, एसआई आदित्य प्रसाद, एएसआई संतोष कुमार, धर्मेंद्र सिंह, मिथुन कुमार, हमारी सिंह और कृष्ण प्रजापति समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।










